Sunday, March 8, 2009

देश के दुश्मन

देश के दुश्मन के मुख्बिर पर इस धरती की लानत
अपने देश की नर्म हवा पानी मिट्टी को लानत
इस मिट्टी से बनने वाले नर-नारी की लानत
लानत उस पर भाई-बहन की लानत रक्षाबन्धन की
सुनो भाइयो, सुनो भाइयो, कथा सुनो सत्तावन की

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